क्या है ये नोबेल पुरस्कार और किसे दिया जाता है , 2025 में ये सम्मान किनको मिला है जानिए पूरा जानकारी
क्या है ये नोबेल पुरस्कार और किसे दिया जाता है , 2025 में ये सम्मान किनको मिला है जानिए पूरा जानकारी
अल्फ्रेड नोबेल का परिचय
अल्फ्रेड नोबेल (1833–1896) एक स्वीडिश रसायनज्ञ, इंजीनियर, आविष्कारक और परोपकारी व्यक्ति थे, जिन्हें दुनिया मुख्य रूप से डायनामाइट के आविष्कार और नोबेल पुरस्कार की स्थापना के लिए जानती है।
उनके जीवन और योगदान से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
1. प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
- जन्म: 21 अक्टूबर 1833 को स्वीडन के स्टॉकहोम में हुआ।
- उनके पिता, इमैनुएल नोबेल, खुद एक इंजीनियर और आविष्कारक थे, जिन्होंने विस्फोटक और टॉरपीडो पर काम किया था।
- अल्फ्रेड ने रूस में शिक्षा प्राप्त की और उन्हें रसायन विज्ञान और भाषाओं (वे 5 भाषाएं जानते थे) में गहरी रुचि थी।
2. डायनामाइट का आविष्कार (1867)
अल्फ्रेड नोबेल ने नाइट्रोग्लिसरीन (एक बहुत ही अस्थिर विस्फोटक) को सुरक्षित बनाने के लिए प्रयोग किए। उन्होंने नाइट्रोग्लिसरीन को 'कीज़ेलगुहर' (एक प्रकार की मिट्टी) के साथ मिलाकर एक स्थिर मिश्रण बनाया, जिसे उन्होंने 'डायनामाइट' नाम दिया।
- इस आविष्कार ने निर्माण कार्यों, सुरंगों और पहाड़ों को काटने के काम को आसान और सुरक्षित बना दिया।
- उनके पास कुल 355 पेटेंट थे।
3. 'मौत का सौदागर' और हृदय परिवर्तन
1888 में अल्फ्रेड के भाई लुडविग की मृत्यु हुई, लेकिन एक फ्रांसीसी अखबार ने गलती से अल्फ्रेड की मृत्यु की खबर छाप दी। अखबार की हेडलाइन थी— "मौत का सौदागर मर गया" (The Merchant of Death is Dead)।
- अखबार ने उनकी आलोचना की कि उन्होंने विनाशकारी हथियार (डायनामाइट) बनाकर संपत्ति अर्जित की है।
- यह पढ़कर अल्फ्रेड को बहुत दुख हुआ और उन्होंने तय किया कि वे दुनिया में अपनी पहचान एक "शांतिदूत" के रूप में छोड़ना चाहते हैं, न कि विनाशक के रूप में।
4. नोबेल पुरस्कार की स्थापना
अपनी मृत्यु से पहले, 1895 में उन्होंने अपनी वसीयत में लिखा कि उनकी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा एक फंड में रखा जाए। इस फंड के ब्याज से हर साल उन लोगों को पुरस्कृत किया जाए जिन्होंने मानवता के लिए सबसे बड़ा योगदान दिया हो।
- पुरस्कार के क्षेत्र: शुरुआत में यह भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और शांति के लिए दिया जाता था। (अर्थशास्त्र का पुरस्कार बाद में 1968 में जोड़ा गया)।
- मृत्यु: 10 दिसंबर 1896 को इटली के सैन रेमो में उनकी मृत्यु हुई। हर साल 10 दिसंबर को ही नोबेल पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
नोबेल पुरस्कार देता कौन और ये पुरस्कार मिलता है ?
- भौतिकी और रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज देती है|
- चिकित्सा /मेडिसिन और साहित्य का पुरस्कार कार्लोलिस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली प्रदान करती है|
- शांति का पुरस्कार नार्वेजियन नोबेल कमेटी देती है जो ओस्लो में स्थित है |
- अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 1968 में स्वीडिश नेशनल बैंक से शुरू किया गया था , इसे भी रॉयल एकेडमी ऑफ साइंसेज ही प्रदान करती है |
ये हर साल 10 दिसंबर को यानी अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर पुरस्कार दिए जाते है |
स्टॉकहोम शहर जो स्वीडन में स्थित है जहां भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा ,साहित्य और अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया जाता है जबकि शांति का नोबेल पुरस्कार ओस्लो में प्रदान किया जाता है |
विजेताओं गोल्ड मेडल , सर्टिफिकेट और अलग से दस लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर पुरस्कार दिया जाता है
नोबेल पुरस्कार 2025 के विजेता
❶ चिकित्सा / मेडिसिन का पुरस्कार मैरी बैंक्रोव, फ्रेड राम्सडेल तथा शिमोन सकागुची को मिला है
इम्यून सिस्टम:
- हमारा इम्यून सिस्टम रोजाना हजारों बैक्टीरिया और वायरस से लड़ता है
- टी सेल्स इनके मुख्य योद्धा है , जिसमें हेल्पर और किलर सेल शामिल है
- हेल्पर टी-सेल्स चेतावनी भेजती है और किलर टी सेल्स हानिकारक जीवो पर हमला करती है|
- अगर इम्यून सिस्टम गड़बड़ी करे तो शरीर की अपनी सेल्स पर हमला कर सकता है
- जब शरीर खुद पर हमला करता है तो इसे ऑटोइम्यून रोग कहा जाता है
वैज्ञानिकों ने टी-सेल्स की तीसरी श्रेणी खोजी गई है जिसे रेगुलेटरी टी सेल्स या टी रेग्स कहते है| टी रेग्स , टी सेल्स को स्वस्थ सेल्स पर हमला करने से रोकती है
सबसे पहले शिमोन सकागुची ने दिखाया कि कुछ टी सेल्स हाइपर एक्टिव टी सेल्स को शांत करती है फिर बैंक्रोव और रोम्सडेल ने पाया कि चूहों में FOXP3 जीन के म्यूटेशन से बीमारी होती है |
FOXP 3 जीन : FOXP3 जीन रेगुलेटरी टी सेल्स के विकास और नियंत्रण के लिए जिम्मेवार है और इनमें दोष होने पर टी रेग्स नहीं बनते है और ऑटोइम्यून रोग उत्पन्न होता है
महत्व:
- कैंसर में ट्यूमर अक्सर रेगुलेटरी टी सेक्स से घिरे रहते है जो इम्यून सिस्टम को रोकते है|
- शोधकर्ता अब टी रेग्स को कम करके कैंसर ट्यूमर नष्ट करने के तरीके खोज रहे है|
- ऑटोइम्यून बीमारियों में टी रेग्स बढ़ाकर शरीर को खुद पर हमला करने से बचाया जा सकता है|
- आर्गन और स्टेम ट्रांसप्लांट में टी रेग्स को नियंत्रण करके अंगों को सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है|
❷ भौतिकी ( Physics ) नोबेल पुरस्कार तीन अमेरिकी वैज्ञानिक को मिला है , जॉन क्लॉर्क, मिशेल डेवोरेट तथा जॉन मार्टिनस को मिला हैं|
क्वांटम टनलिंग ( Quantam Tunneling )
- क्वांटम टनलिंग में सूक्ष्मकण दीवार जैसी बाधा पार कर दूसरी ओर निकल जाते हैं, सामान्य दुनिया से टकराकर लौटती है, लेकिन स्तर पर ऐसा नहीं होता हैं वैज्ञानिक ने दिखाया कि टनलिंग सिर्फ छोटे कणों में नहीं बल्कि बड़े सिस्टम में भी संभव है
- 1980 के दशक में , उन्होने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में प्रयोग किया था दो सुपर कंडक्टर को जोड़कर एक सर्किट बनाया जिसमें बीच में पतली परत रखी थी यह प्रयोग क्वांटम टनलिंग का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं और इसमें ये समझ गए है कि बड़े सिस्टम में भी क्वांटम प्रभाव मौजूद रहते है , इन प्रभाव को नियंत्रित कर नई तकनीक विकसित की जा सकती है|
इस खोज क्वांटम कम्प्यूटिंग और सेमीकंडक्टर तकनीक में बेहतर अहम मानी गई| ये साबित कर चुका है कि क्वांटम नियम सिर्फ सूक्ष्म जगत तक सीमित नहीं है , बड़े पैमाने इलेक्ट्रिक सिस्टम में भी क्वांटम सिद्धांतों का उपयोग संभव है|
➌ रसायन शास्त्र ( Chemistry ) का नोबेल पुरस्कार : रिचर्ड रॉब्सन, सुसुमू किटागावा और ओमर यागी को मिला है|
मेंटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क ( Metal Organic Framework ) MOF :
- MOF ऐसी जाली जैसी संरचना होती है जो धातुओं और कार्बन अणुओं से बनी होती है इनकी खासियत यह है कि इनके अंदर खाली जगहों या छिद्र होते है इनकी शुरुआत 1974 में रिचर्ड रॉब्सन ने मॉलिक्युलर मॉडल से हुई है
- सुसुमू किटागावा ने इसे आगे बढ़ाया और मजबूत संरचना बनाई उन्होंने दिखाया है कि MOF की कैबिटी में गैस आसानी से समा सकती है
- ओमर यागी न इस खोज को परिपत्व रूप दिया और स्थाई बनाया यागी ने ऐसे फ्रेमवर्क बनाए जो 350 डिग्री सेल्सियस पर भी नहीं टूटते है 1995 में ओमर यागी ने इसे मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क यानी MOF नाम दिया MOF पर्यावरण और जीवन सुधारनें वाली खोज मानी जाती है
मेंटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क कैसे जिंदगी ये पर्यावरण को बेहतर बनाता है ?
- यह हवा से नमी सोखकर पानी बनाने में सक्षम हैं
- यह तकनीक रेगिस्तान जैसे इलाके में पानी जुटाने मदद कर सकती है
- ये पानी से हानिकारक रसायन और प्रदूषक हटाने में उपयोगी है
- हवा से कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी गैसों को भी साफ करने में मदद करता है
- हाइड्रोजन और मिथेन जैसी गैसों को सुरक्षित रूप से स्टोर करने में काम आता है
- शरीर में दवाओं को नियंत्रित तरीके से पूछने में इसका उपयोग होता है
- फल से निकलने वाली एथलीन गैस रोककर यह उन्होंने धीरे-धीरे पकने में मदद करता है
❹ साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2025
- साल 2025 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार हंगरी के लेखक लास्जलो क्रॉसजनाहॉरकाई को मिला
- ये सेंट्रल यूरोप की साहित्यक परंपरा का महान लेखक माना जाता है
- उनकी लेखक में जीवन की कठिनाइयों और अजीबोगरीब परिस्थितियों को गहराइयों से दिखाया है
- उनके प्रसिद्ध उपन्यास Satantango 1985 में प्रकाशित हुआ है
- यह उपन्यास हंगरी एक दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को कठिन जिंदगी को दिखाता है उनकी लेखक में आलोचकों और पाठकों दोनों को प्रस्तुत किया है इसी वजह से 2025 को नोबेल पुरस्कार दिया गए है
हंगरी के दो व्यक्तियों को आज तक नोबेल पुरस्कार दिया गया हैं
❺ शांति का नोबेल प्राइज 2025
- नोबेल शांति पुरस्कार 2025 वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को मिला है
- मारिया मचाडो अपने देश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए मानी जाती है
- मारिया मचाडो लंबे समय से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के शासन के आंदोलन लीड कर रही थी
- उन्होंने हिंसा या सशस्त्र विरोध नहीं किया है बल्कि शांतिपूर्ण जन आंदोलन अपनाया
- मारिया ने राजनीतिक संसद का रास्ता चुना और लोकतांत्रिक प्रक्रिय को मजबूती दी
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.png)
Comments
Post a Comment